Best 150+ Phool Shayari 2 Line | फूल शायरी 2026
दिल की नाज़ुक भावनाओं को अगर किसी रूप में सबसे खूबसूरती से बयान किया जा सकता है, तो वह फूलों के एहसास हैं। फूल प्यार, मासूमियत, खुशबू, जुदाई और खामोशी तक को बयां करने की ताकत रखते हैं, और जब इन्हें शायरी के शब्द मिलते हैं तो जज़्बात और भी गहरे हो जाते हैं। Phool Shayari 2 Line कम शब्दों में बड़े एहसास कहने का हुनर है, जो दिल को सीधे छू जाती है।
इस पोस्ट में आपको Phool Shayari in Hindi, फूलों पर शायरी, प्रेम फूल शायरी, गुलाब, कमल और मुरझाए फूल की शायरी जैसी भावनात्मक और रोमांटिक शायरी मिलेगी, जो प्यार, दर्द, जुदाई और खूबसूरती के हर रंग को बयां करती है। अगर आप सोशल मीडिया, व्हाट्सएप स्टेटस या अपने जज़्बात किसी खास तक पहुँचाने के लिए दिल को छू जाने वाली फूल शायरी खोज रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है।
Phool Shayari 2 Line

फूल बनकर जो खिले हो तुम मेरी राह में
कांटे भी अब चुभते नहीं किसी चाह में !
रात की शबनम से नहाते हैं फूल
तेरी यादें भी हैं, ऐसे ही कितनी कूल !
बगिया की रौनक, फूलों से है सारी
तेरी मौजूदगी से ही तो है, मेरी दुनिया न्यारी !
एक फूल ही काफी था दिल लगाने को
पूरी बहार क्यों चाहिए थी हमें आज़माने को !
सारे जहाँ की खुशियाँ मैं तुझ पर लुटा दूँ
जिस राह से तू गुजरे वहां फूल बिछा दूँ !
Phool Shayari

आप आए तो बहारों ने लुटाई ख़ुश्बू
फूल तो फूल थे काँटों से भी आई ख़ुश्बू !
हर फूल की अपनी एक कहानी होती है
कुछ मुस्कान तो कुछ आँखों का पानी होती है !
अगरचे फूल ये अपने लिए ख़रीदे हैं
कोई जो पूछे तो कह दूँगा उसने भेजे हैं !
फूल तो फूल हैं आँखों से घिरे रहते हैं
काँटे बे-कार हिफ़ाज़त में लगे रहते हैं !
फूलों के साथ काँटों का होना यही बताता है
कभी सुख आना है, तो कभी दुःख से जुड़ना नाता है !
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Phool Shayari 2 Line Love

हर फूल की तरह मेरा भी नाज़ुक सा दिल है
तेरे प्यार में ही बस अब मेरी हर मंज़िल है !
फूलों की तरह नाज़ुक है तेरा प्यार
छू लूँ तो महक जाऊँ, दूर रहूँ तो बेकरार !
फूलों की खुशबू सी है तेरी हर बात
तेरे बिना सूनी लगे ये हर एक रात !
फूलों की बहारों में, बसी है तेरी मुस्कान
रोज़ रोज़ खिलता है, ये प्यार का गुलिस्तान !
तू मेरी ज़िंदगी का वो फूल है
जिसके बिना हर बाग़ वीरान है !
Phool Shayari in Hindi

मंदिरों में सजते हैं फूल, महफ़िलों की बढ़ाते हैं शान
प्यार का इज़हार भी इनसे, खुशियों का ये हैं पैगाम !
तारीफ़ अपने आप की करना फिजूल है
खुशबू खुद बता देती है कौन सा फूल है !
छोटे से इस प्यारे फूल में,छिपा है सारा संसार
रंग, रूप और खुशबू का, ये अद्भुत है चमत्कार !
जो फूलों को देखकर मचलते हैं
उन्हें काँटे भी जल्दी लगते हैं !
रंगों की बारात है, खुशबू की सौगात
फूलों से ही होती है, हर दिल की बात !
Gulab Ka Phool Shayari

गुलाब के फूल सा रिश्ता हो तेरा और मेरा
थोड़ा सा दर्द, मगर ढेर सारी मोहब्बत भरा !
गुलाब का फूल जब मुस्कुराया करता है
हर दिल उसी की खुशबू में खो जाया करता है !
तेरे हाथों में गुलाब का फूल अच्छा लगता है
मेरे हर ख्वाब में तेरा साथ अच्छा लगता है !
आशिकों के महबूब के पैरों की धूल हूँ
हाँ, मैं एक लाल गुलाब का फूल हूँ !
किताबों में गुलाब का फूल रखा था मैंने
जब खोला तो यादें महक उठीं तेरी !
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Romantic Phool Shayari

तेरा इश्क़ वो फूल है जो मुरझाता नहीं
मेरे दिल से तेरा नाम कभी जाता नहीं !
इश्क़ भी फूलों सा होता है जनाब
खामोश रहता है मगर खुशबू लाजवाब !
तेरे इश्क़ में खिले हैं जैसे गुलाब के फूल
तेरी मुस्कान से महक उठता है मेरा वजूद !
फूलों ने भी सीखा है तुझसे मुस्कुराना
जब देखा तुझे तो भूल गए अपना ठिकाना !
फूल ही फूल याद आते हैं
आप जब जब भी मुस्कुराते हैं !
Flower Phool Shayari

फूल सी उस लड़की ने मुझे आशिकी सिखाई है
यूँ हीं नहीं मिली, वो किस्मत की कमाई है !
फूल खिले हैं लिखा हुआ है तोड़ो मत
और मचल कर जी कहता है छोड़ो मत !
जो खामोशी से खिलते हैं बाग़ों में
वही फूल सबसे ज्यादा महकते हैं फिजाओं में !
फूलों सा नाजुक है ये रिश्ता हमारा
जरा सी ठोकर में बिखर जाएगा सहारा !
फूल ही फूल खिल उठे मुझ में
कौन आया मिरे ख़यालों में !
Sukhe Phool Shayari

सूखे फूल किताबों में रखे मिले
बीते लम्हों की खुशबू आज भी साथ लिए मिले !
कभी जो फूल ताज़ा थे, आज सूखे मिलते हैं
कुछ रिश्ते भी यूँ ही वक्त के साथ बदलते हैं !
मोहब्बत की नजर से किसी और को देखा नहीं मैंने
सूख गया तेरा गुलाब मगर फेंका नहीं मैंने !
वक़्त ने छीन ली फूलों की ताज़गी
मगर यादों से उनकी खुशबू न मिट सकी !
ताज़ा फूलों को सब चाहते है
सूखे फूल सिर्फ यादों में बसते हैं !
Murjhaya Hua Phool Shayari

मुरझाया हुआ फूल कहता है आज भी
खुशबू तो चली गई, पर यादें ज़िंदा हैं अभी !
मुरझाए फूल की क़ीमत क्या जानो तुम
जिसने हर मौसम में ख़ामोशी से सहा हो ग़म !
मुरझाया फूल हूँ मैं किसी पुराने बाग़ का
जिसे नया मौसम भी अब पहचानता नहीं !
मुरझाए फूलों से भी मोहब्बत की जाती है
क्योंकि इन्हीं में बीते लम्हों की खुशबू आती है !
ना तोड़ा किसी ने, फिर भी टूट गए
हम मुरझाए फूल की तरह चुपचाप रूठ गए !
Kamal Ka Phool Shayari

हर सुबह नई उम्मीद लेकर खिल जाता है
कमल का फूल जीवन जीना सिखाता है !
खामोश रहकर भी अपनी पहचान बनाता है
कमल का फूल बिना शोर के सबको भाता है !
दलदल में जन्म लेकर भी महक बिखेर दे
कमल सा बन जा तू, जो अंधेरों में उजाला कर दे !
धूप में भी मुस्कुराता, जल में भी खिल जाता
कमल का फूल हर हाल में खुद को बचा जाता !
कीचड़ में रहकर भी जो खुद को पवित्र रखे
वो कमल का फूल ही है, जो सबको सीख दे !
