Best 140+ Kamyabi Shayari in Hindi | कामयाबी शायरी 2026
कामयाबी सिर्फ मंज़िल तक पहुँचने का नाम नहीं, बल्कि उस सफ़र की कहानी है जिसमें गिरकर संभलना और हार न मानना शामिल होता है। इस Kamyabi Shayari के संग्रह में आपको ऐसी सफलता शायरी मिलेगी जो ज़िंदगी की सच्चाइयों को आसान और असरदार अल्फ़ाज़ों में बयां करती है। ये Motivational Success Shayari न केवल सोच को सकारात्मक बनाती है, बल्कि आत्मविश्वास और हिम्मत को भी मज़बूत करती है।
अगर आप Success Shayari Hindi, Motivational Kamyabi Shayari या Safalta Shayari की तलाश में हैं, तो यह संग्रह आपके लिए बिल्कुल सही है, जो सोशल मीडिया स्टेटस, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम कैप्शन के लिए भी बेहतरीन साबित होगा।
Kamyabi Shayari

मेहनत की आग में जो खुद को तपाता है
वही इंसान एक दिन कामयाबी पाता है !
मेहनत जब जुनून बन जाती है
तब कामयाबी खुद-ब-खुद मिल जाती है !
जो गिरकर संभल गया वही सिकंदर कहलाया
कामयाबी ने उसी को गले लगाया !
हर नाकामी एक नया सबक सिखाती है
यही सबक आगे चलकर कामयाबी दिलाती है !
जो गिरकर भी मुस्कुराता है वही बाज़ी जीत जाता है
हार से जो सीख लेता है वही कामयाब कहलाता है !
Kamyabi Shayari in Hindi

मेहनत की स्याही से जो किस्मत लिखते हैं
वही लोग एक दिन कामयाब दिखते हैं !
मेहनत की आग में जो खुद को जलाता है
वही इंसान कामयाबी का सूरज बनकर आता है !
ख्वाब बड़े हैं तो मेहनत भी खास होगी
कामयाबी एक दिन मेरे पास होगी !
संघर्ष मेरा हथियार बन चुका है
कामयाबी का रास्ता अब साफ दिख चुका है !
जो सपनों के पीछे पागल सा फिरता है
वही इंसान कामयाबी को छूता है !
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Motivational Kamyabi Shayari

कामयाबी कदम चूमेगी एक दिन ज़रूर
बस हार मानने की आदत छोड़नी होगी हुज़ूर !
ख्वाब बड़े रखो, हौसले बुलंद रखो
कामयाबी खुद कदम चूमेगी बस खुद पर यक़ीन रखो !
जो आज अकेला चल रहा है सफर में
कल वही नाम रोशन करेगा शहर में !
लोगों ने शक किया मेरी उड़ान पर
मैंने कामयाबी रख दी आसमान पर !
सब्र रखो, वक्त बदलने में देर नहीं लगती
कामयाबी मेहनत करने वालों से दूर नहीं होटी !
Kamyabi Shayari 2 Line

आज पसीना बहा रहा हूँ खामोशी से
कल कामयाबी शोर मचाएगी मेरी जीत से !
खामोशी से मेहनत करता जा रहा हूँ
कामयाबी के शोर की तैयारी कर रहा हूँ !
रुकना मुझे आता नहीं, थकना गुनाह है
मेरी मेहनत ही मेरी सबसे बड़ी चाहत है !
मेहनत इतनी खामोशी से करो
कि कामयाबी शोर मचा दे !
आज हालात मेरे खिलाफ हैं तो क्या
कल कामयाबी मेरा नाम लेगी यकीनन !
Success Kamyabi Shayari in Hindi

सफलता यूँ ही नहीं मिला करती है
हर रात जागकर हासिल की जाति है !
जो गिरकर भी संभलने का हुनर रखते हैं
वही लोग कामयाबी की ऊँचाई रखते हैं !
आज जो दर्द है वही कल ताकत बनेगा
यही रास्ता है जो कामयाबी तक ले जाएगा !
भीड़ से अलग चलने का साहस रखो
कामयाबी खुद तुम्हारा पता पूछेगी !
आज जो पसीना बहाया है तूने
कल वही तेरी कामयाबी की पहचान बने !
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Mehnat Kamyabi Shayari

मेहनत का फल मीठा जरूर होता है
जो सब्र रखे वही कामयाबी को छूता है !
जिसने खुद को वक्त दिया और मेहनत की
उसी ने जिंदगी में सच्ची कामयाबी पाई !
रुकना नहीं है मुश्किलों से हार कर
कामयाबी मिलती है बस खुद से मेहनत कर !
सोच बदलो, मेहनत को आदत बनाओ
कामयाबी खुद-ब-खुद तुम्हारा पता पूछेगी !
मेहनत मेरी पहचान है खुदा मेरे साथ है
मंजिल मेरी कामयाबी है उसे पाना मेरा काम है !
Kamyabi Shayari Attitude

किस्मत पर नहीं, खुद पर भरोसा रखा है
इसलिए कामयाबी का सपना सच हुआ है !
खुद की पहचान बनाने निकला हूँ
कामयाबी की ऊँचाइयों तक चढ़ने निकला हूँ !
मेरे ख्वाबों में अब हार नहीं है
कामयाबी ही मेरी आख़िरी पहचान है !
आज हालात मुश्किल हैं तो क्या हुआ
कल कामयाबी मेरी कहानी लिखेगी !
खुद पर यकीन और मेहनत का साथ हो
तो हर मुकाम पर कामयाबी हाथ हो !
Kamyabi Shayari in Hindi 2 Line

जो अपने दम पर आगे बढ़ते हैं
वही कामयाबी के हकदार बनते हैं !
हौसलों की उड़ान बाकी है
कामयाबी का इम्तिहान बाकी है !
जो गिरकर भी संभल जाता है
वही इंसान इतिहास बनाता है !
मेहनत को अपनी पहचान बना लिया
कामयाबी को अपना मेहमान बना लिया !
रुकावटें कहती हैं रुक जाओ
हौसले कहते हैं आगे बढ़ जाओ !
Na Kamyabi Shayari

हार का मतलब खत्म होना नहीं होता
नाकामयाबी से ही असली हौसला पैदा होता !
हर ठोकर कुछ सिखा जाती है मुझे
नाकामयाबी भी मजबूत बना जाती है मुझे !
नाकामयाबी ने रोका तो क्या हुआ
मेहनत ने मुझे फिर से खड़ा कर दिया !
हर नाकामी एक सबक बन गई
तभी तो कामयाबी मेरी आदत बन गई !
आज दर्द है, आंसू हैं, हार भी है
पर नाकामयाबी के बाद ही जीत की बारी है !
Kamyabi Shayari in English

Jo lakshy par nazaren jamae rakhte hain,
Vahee log kaamyaabi ko paas laate hain.
Jo waqt ki maar se tootate nahin,
Vahee log kaamyaabi ki misaal bante hain.
Hausalon ki udaan abhi baaki hai,
Kaamyaabi ki pehchaan abhi baaki hai.
Sangharsh se dosti kar lee hai mainne,
Kaamyaabi ab door nahin lagti mujhe.
Chupchaap mehnat karte raho doston,
Kaamyaabi khud shor macha degee.
