Best 130+ Khwahish Shayari in Hindi | ख्वाहिश शायरी 2026

Khwahish Shayari

Khwahish Shayari in Hindi: हर इंसान की ज़िंदगी में कुछ ऐसी ख्वाहिशें होती हैं, जिन्हें वह खुलकर कह नहीं पाता, लेकिन वही एहसास शायरी के रूप में दिल से निकल आते हैं। ख्वाहिश शायरी हिंदी में दिल के जज़्बात, टूटे सपने, मोहब्बत की चाहत, और ज़िंदगी की गहरी सच्चाइयों को बेहद खूबसूरती से बयां करती है।

इस पोस्ट में आपको दिल को छू लेने वाली ख्वाहिश शायरी, अधूरी ख्वाहिश शायरी, प्यार भरी ख्वाहिशें, और ज़िंदगी से जुड़ी ख्वाहिश शायरी का बेहतरीन कलेक्शन मिलेगा, जिसे आप पढ़कर अपने एहसासों से जुड़ाव महसूस करेंगे। अगर आप अपनी भावनाओं को शब्दों में ढूंढ रहे हैं या सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए भावुक और अर्थपूर्ण शायरी चाहते हैं, तो यह ख्वाहिश शायरी संग्रह आपके लिए बिल्कुल सही है।

Khwahish Shayari

Khwahish Shayari
एक ख़्वाहिश है बस इस ज़िंदगी में
तुम साथ रहो हर ख़ुशी और हर गमी में !
हर एक ख्वाहिश को दिल में दबा रखा है
जाने क्यों मैंने खुद को इतना भुला रखा है !
कुछ ख़्वाहिशें वक्त के साथ मर जाती हैं
और कुछ याद बनकर उम्र भर सताती हैं !
दिल की हर ख़्वाहिश मुकम्मल हो जाए
काश ऐसा कोई एक ही पल हो जाए !
ख़्वाहिशों का क्या है, रोज़ बदल जाती हैं
बस एक तुम हो, जो हर ख़्वाहिश में शामिल हो !

Adhuri Khwahish Shayari

Adhuri Khwahish Shayari
हर ख़्वाहिश पूरी हो ये ज़रूरी तो नहीं
कुछ अधूरी ख़्वाहिशें ही तो जीने का मज़ा देती हैं !
अधूरी ख़्वाहिशों ने सिखाया है हमें
कि सब कुछ चाहने से नहीं मिल जाता !
अधूरी ख़्वाहिशें दिल में रह जाती हैं
और पूरी न होने की कसक रह जाती है !
अधूरी ख़्वाहिशों का भी एक दर्द होता है
जो मुस्कुराहट के पीछे छुपा रहता है !
अधूरी रह गई वो हर ख़्वाहिश मेरी
जो तुमसे जुड़कर मुकम्मल हो सकती थी !

Khwahish Shayari in Hindi

Khwahish Shayari in Hindi
Khwahish Shayari Hindi
ख़्वाहिशों ने भी आज बगावत कर दी
जो मिला नहीं उसी की चाहत कर दी !
वो ख़्वाहिश जो ज़ुबां तक न आ सकी
वही दिल में सबसे ज़्यादा रह गई !
ख़्वाहिश थी तुम्हारे साथ उम्र बिताने की
किस्मत ने बस यादों तक ही इजाज़त दी !
ख़्वाहिशें बहुत थीं मगर कह न सके
डर था कहीं दिल ही न टूट जाए !
बहुत छोटी-सी ख़्वाहिश है मेरी
तू खुश रहे, चाहे मेरे बिन ही सही !

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Kuch Adhuri Khwahish Shayari

Kuch Adhuri Khwahish Shayari
Kuch Adhuri Khwahish Shayari in Hindi
कुछ अधूरी ख़्वाहिशें याद बन जाती हैं
और हर याद आंखों को नम कर जाती है !
कुछ ख़्वाहिशें अधूरी ही अच्छी लगती हैं
क्योंकि पूरी होकर वो बदल जाती हैं !
कुछ ख़्वाहिशें दिल में ही दफन रह गईं
क्योंकि लफ़्ज़ों में उन्हें कहने की हिम्मत न थी !
कुछ अधूरी ख़्वाहिशें ही तो साथ हैं
वरना इस दिल के पास बचा ही क्या है !
अधूरी ख़्वाहिशें जब याद बनती हैं
तो आंखें खुद-ब-खुद नम हो जाती हैं !

Feeling 2 Line Khwahish Shayari

Feeling 2 Line Khwahish Shayari
दिल हर रोज़ नई ख़्वाहिश बनाता है
और नसीब हर बार उसे तोड़ जाता है !
दिल की ख़्वाहिश बस इतनी सी थी
कोई अपना समझ ले, यही कमी थी !
काश कोई पूछ ले हाल-ए-दिल
तो शायद ये ख़्वाहिश खुद ही मर जाए !
कुछ ख्वाहिशें दफन कर दी मैंने
ताकि ज़िंदगी और सवाल न पूछे !
एक छोटी सी ख़्वाहिश है दिल में आज भी
काश तुम मुस्कुरा दो मेरी बातों पर कभी !

Aakhri Khwahish Shayari

Aakhri Khwahish Shayari
सब कुछ छूट जाए मगर ये दुआ क़ायम रहे
आख़री ख़्वाहिश है कि तू हमेशा साथ रहे !
ना दौलत चाहिए, ना शोहरत की चाह
आख़री ख़्वाहिश बस सुकून भरी तेरी पनाह !
अगर सांसें थम भी जाएँ किसी मोड़ पर
आख़री ख़्वाहिश यही है कि तेरा नाम लबों पर हो !
अगर पूछी जाए आख़िरी ख़्वाहिश मुझसे
तो जवाब में बस तेरा ज़िक्र होगा !
एक आख़िरी ख़्वाहिश है इस दिल की
मरते दम तक तेरा नाम लबों पर रहे !

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Zindagi Khwahish Shayari

Zindagi Khwahish Shayari
Khwahish Shayari on Life
ख़ामोश रहकर भी खुश रह सकूँ
ज़िंदगी से बस यही एक ख़्वाहिश है !
ना शोहरत की चाह, ना नाम बड़ा हो
ज़िंदगी से ख़्वाहिश है बस दिल बड़ा हो !
थोड़ा सा प्यार, थोड़ी सी मुस्कान
ज़िंदगी से बस इतनी ख़्वाहिश है मेरी !
ख़्वाहिश नहीं आसमान छूने की अब
ज़िंदगी बस सुकून से कट जाए !
एक ख़्वाहिश थी सुकून से जीने की
ज़िंदगी ने जिम्मेदारियों का तोहफ़ा दे दिया !

Dil Ki Khwahish Shayari

Dil Ki Khwahish Shayari
दिल की हर ख़्वाहिश तुझसे जुड़ी रही
तू पास न होकर भी ज़िंदगी बनी रही !
दिल की ख़्वाहिश बस इतनी सी है
तू सामने हो और दुनिया थम सी जाए !
दिल की ख़्वाहिश आज भी वही है
तू समझ ले मुझे, बस इतना काफी है !
दिल की ख़्वाहिश थी तेरा साथ मिले
किस्मत को ये मंज़ूर ही न हुआ !
एक तुझसे मिलने की ख़्वाहिश है
जो हर रोज़ दिल में ज़िंदा रहती है !

Khwahish Shayari 2 Line

Khwahish Shayari 2 Line
हर ख्वाहिश पर किसी और का हक़ निकला
जब मेरी बारी आई तो वक़्त बुरा निकला !
हर ख़्वाहिश दिल में दबा कर रख ली
बस तुझे पाने की चाह ज़िंदा रख ली !
ख्वाहिशों का बोझ इतना बढ़ गया
कि मुस्कुराने का हुनर ही खो गया !
कुछ ख़्वाहिशें आज भी दिल में ज़िंदा हैं
वरना हम भी कब के बिखर चुके होते !
ख़्वाहिशें अक्सर वही होती हैं
जो हक़ीक़त में सबसे ज़्यादा दूर होती हैं !

Milne Ki Khwahish Shayari

Milne Ki Khwahish Shayari
तेरे मिलने की ख़्वाहिश आज भी दिल में ज़िंदा है
वरना हर ख़्वाहिश तो वक़्त के साथ मर गई है !
भीड़ में भी तन्हा हूँ तेरे इंतज़ार में
बस एक बार मिलने की ख़्वाहिश है दिल में !
कभी मिल जाएँ तो शिकायतें नहीं होंगी
सिर्फ़ तुझे देखने की ख़्वाहिश पूरी होगी !
अगर मुक़द्दर ने एक मौका और दिया
तो तुझसे मिलने की ख़्वाहिश सबसे पहले होगी !
वक़्त ने बहुत कुछ सिखाया है हमें
पर तुझसे मिलने की ख़्वाहिश आज भी वही है !

Hazar khwahish shayari

Hazar khwahish shayari
हज़ार ख़्वाहिशें थीं ज़िंदगी से मगर
सबसे बड़ी ख़्वाहिश तुझे पाना ही थी !
हज़ार ख़्वाहिशें दिल में दफ़्न कर लीं हमने
तुझे मुस्कुराते देखने की ख़्वाहिश ज़िंदा रखी !
हज़ार ख़्वाहिशों का बोझ लिए फिरते रहे
कुछ पूरी हुईं, कुछ दिल में ही रहीन !
हज़ार ख़्वाहिशें थीं कुछ कहने की तुझसे
मुलाक़ात हुई तो लफ़्ज़ ही खो गए !
हज़ार ख़्वाहिशों में उलझा रहा ये दिल
मगर सुकून सिर्फ़ तेरे पास मिला !

Marne Ki Khwahish shayari

Marne Ki Khwahish shayari
Na Jeene Ki Khwahish Shayari
बहुत थक गया हूँ ज़िंदगी का बोझ ढोते-ढोते
अब तो मरने की ख़्वाहिश ही सुकून लगती है !
हर साँस उधार सी लगने लगी है
मरने की ख़्वाहिश अब सुकून देती है !
हर रोज़ मुस्कान का नक़ाब पहनते हैं हम
अंदर कहीं मरने की चाह दबाए बैठे हैं हम !
दर्द इतना बढ़ गया है इस दिल में
कि मरने की चाह भी राहत डेटी है !
काश मर जाना भी उतना ही आसान होता
जितना हर रोज़ चुपचाप टूट जाना !

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