Best 145+ Nafrat Shayari in Hindi | नफ़रत शायरी 2026

Nafrat Shayari

ज़िंदगी में हर किसी ने कभी न कभी नफ़रत का अनुभव किया है, चाहे वो किसी रिश्ते, धोखे या बेवफाई की वजह से हो। Nafrat Shayari उन भावनाओं को शब्दों में पिरोकर दिल को छू लेने वाला एहसास देती है। ये शायरी सिर्फ नकारात्मक भावनाओं का इज़हार नहीं करती, बल्कि दिल के अंदर छुपी हुई पीड़ा, ग़ुस्सा और दर्द को व्यक्त करने का एक तरीका भी है। अगर आप भी अपने दिल की असल भावनाओं को महसूस कराना चाहते हैं या किसी की नफ़रत को शब्दों में बदलना चाहते हैं, तो ये नफ़रत शायरी आपके लिए परफेक्ट हैं।

इस पोस्ट में आपको टॉप नफ़रत शायरी, दर्द भरी नफ़रत शायरी, और अट्टीट्यूड वाली नफ़रत शायरी मिलेंगी, जिन्हें आप अपने सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं। अगर आप दिल की गहराई से महसूस की गई भावनाओं को शब्दों में ढालना चाहते हैं, तो यह संग्रह आपके लिए एकदम सही है।

Nafrat Shayari

Nafrat Shayari
नफ़रत की आग में जलकर भी मुस्कुराते रहे
तुमने ज़ख़्म दिए और हम वफ़ा निभाते रहे !
लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है !
तुम्हारी यादें भी अब चुभने लगी हैं
इश्क़ की जगह दिल में नफ़रत बसने लगी है !
ना मेरा प्यार कम हुआ, ना उनकी नफरत
अपना अपना फर्ज था, दोनों अदा कर गये !
मैं काबिल-ए-नफरत हूँ तो छोड़ दे मुझको
तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत न कर !

Attitude Nafrat Shayari

Attitude Nafrat Shayari
नफ़रत की आग में जलते रहो तुम
हम अपने attitude से चमकते रहेंगे !
नफ़रत में भी एक अंदाज़ रखते हैं
हर किसी से बिलावजा उलझा नहीं करते हैं !
तुझे तो मोहब्बत भी तेरी औकात से ज्यादा की थी
अब तो बात नफरत की है, सोच तेरा क्या होगा !
हक़ से दो तो तुम्हारी नफरत भी कबूल हमें
खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें !
जो पीठ पीछे ज़हर उगलते हैं
उनका सामना हम आईने से करा देते हैं !

Dard Nafrat Shayari

Dard Nafrat Shayari
Takleef Dard Nafrat Shayari
पहले इश्क़, फिर दर्द, फिर बेहद नफरत
बड़ी तरकीब से तबाह किया तुमने मुझको !
तेरी नफरत से भी हमने प्यार किया था
मगर तुमने हमे दर्द और जख्म दिया था !
इतना टूट चुका हूँ तेरी बेवफ़ाई से
कि अब नफ़रत भी सुकून देने लगी है !
जिनसे थी बेइंतहा मोहब्बत उसने ही धोखा डिआ है
नफरत की आग लगाकर हमको रुसवा किया है !
नफरत की आग जो तुमने इस दिल में लगाई है
तुमसे ही नही मोहब्बत से भी हमें शिकायत हुई है !

Nafrat Shayari in Hindi

Nafrat Shayari in Hindi
Nafrat Shayari Hindi
नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली !
हाथ थामा था जिसने साथ निभाने के लिए
वही छोड़ गया नफ़रत की पहचान देने के लिए !
मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती है अगर
नफरत होती है तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती है !
एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती है
वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो ज़िंदगी बीत जाती है !
वो इनकार करते हैं प्यार के लिए
नफरत भी करते हैं तो प्यार करने के लिए !

Nafrat Shayari 2 Line

Nafrat Shayari 2 Line
तेरी बेरुख़ी ने इतना बदल दिया मुझे
अब तुझसे मोहब्बत से ज़्यादा नफ़रत है मुझे !
नही हो अब तुम हिस्सा मेरी किसी हसरत के
तुम काबिल हो तो बस नफ़रत के !
जिसे कभी चाहा दिल-ओ-जान से हमने
आज उसी के नाम से नफ़रत होने लगी !
वो मोहब्बत ही क्या जिसमे प्यार ना हो
वो नफरत ही क्या जिसमे तकरार ना हो !
मोहब्बत से फुरसत नहीं मिली वरना
कर के बताते की नफ़रत किसे कहते हैं !

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Rishte Nafrat Shayari

Rishte Nafrat Shayari
Family Se Nafrat Shayari
रिश्तों की किताब में कुछ पन्ने जले हुए मिले
जहाँ अपनापन था कभी, आज नफ़रत के आसार मिले !
तुम से रिश्ता अब कुछ ऐसा है
ना नफ़रत है, ना इश्क़ पहले जैसा है !
रिश्तों ने सिखाया है ये सबक़ ज़िंदगी में
कि नफ़रत भी अक्सर अपनों से ही मिलती है !
कुछ अजीब सा रिश्ता है, उसके और मेरे दरमियां
न नफ़रत की वजह मिल रही, न मोहब्बत का सिला !
मिटा देंगे हर नफरत को
इस कदर हर रिश्ता निभाएंगे
अगर खड़ी रहेगी नफरत रास्ते
में तो उसे भी प्यार से मनाएंगे !

Attitude Nafrat Shayari For Girls

Attitude Nafrat Shayari For Girls
मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझना
मैं नफ़रत भी बड़े सलीके से करती हूँ !
हमारी नफ़रत भी ब्रांडेड है
हर किसी के नसीब में नहीं होती !
हमसे जलने वालों की कमी नहीं
इसलिए नफ़रत अब हमारी आदत बन गई !
नफ़रत नहीं हमसे किसी से यूँ ही
जिनका घमंड देखा, उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया !
दिखावे की मुहब्बत से बेहतर है नफरत ही करो हमसे
हम सच्चे जज़बातो की बड़ी कदर किया करते हैं !

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Pyar Se Nafrat Shayari

Pyar Se Nafrat Shayari
इतना चाहा था उसे कि खुद से नफ़रत हो गई
जब उसने छोड़ दिया, तो प्यार से नफ़रत हो गई !
नफ़रत नहीं है तुझसे, नफ़रत तो प्यार से है
जिसने तेरे नाम पर, हमें बरबाद किया है !
प्यार किया था सच्चे दिल से, ये मेरी ही गलती थी
नफ़रत आज इसलिए है, क्योंकि उम्मीद बहुत बड़ी थी !
मोहब्बत में जो खोया था, वो नफ़रत में ढूँढ रहे हैं
दिल तो आज भी उसी का है, बस एहसास बदल रहे हैं !
प्यार की किताब अधूरी छोड़ दी हमने
नफ़रत के हर पन्ने में तेरा ही नाम लिखा है !

Khud Se Nafrat Shayari

Khud Se Nafrat Shayari
जो टूटे हैं अंदर से, वो मुस्कुराते बहुत हैं
खुद से नफ़रत रखने वाले, खुद को मिटाते बहुत हैं !
खुद से ही लड़ता हूँ, खुद से ही हार जाता हूँ
आईने में भी अब मैं अजनबी नज़र आता हूँ !
हर गलती का इल्ज़ाम खुद पर डाल लिया
इस तरह मैंने खुद से रिश्ता बिगाड़ लिया !
दूसरों को समझाते रहे ज़िंदगी भर हम
और खुद की ही उलझनों में उलझे रह गए हम !
इतनी नफ़रत हो गई है अब अपनी ही सूरत से
कि आईना भी पूछता है, क्या गुनाह हुआ मुझसे?

Zindagi Se Nafrat Shayari

Zindagi Se Nafrat Shayari
Nafrat Shayari on Life
जिस ज़िंदगी को जीने का शौक़ था कभी
आज उसी ज़िंदगी से नफरत हो गयी !
मुस्कुराने की कोशिश में टूट गए हम
ज़िंदगी से नफ़रत की वजह खुद बन गए हम !
ज़िंदगी ने हर ख़्वाब तोड़कर रख दिया
इसलिए आज इससे नफ़रत करना सीख लिया !
ज़िंदगी से यूँ ही नहीं नफ़रत हो गई
हर मोड़ पर उम्मीद ही शर्मिंदा हो गई !
हर दिन एक नई जंग लड़नी पड़ती है
ऐसी ज़िंदगी से मोहब्बत कैसे हो सकती है?

Mohabbat Nafrat Shayari

Mohabbat Nafrat Shayari
मुझे नफरत है इस मोहब्बत के नाम से
क्यूँ बिना कसूर तड़पा तड़पाकर मारा है मुझे !
तेरी मोहब्बत से मुझे नफरत हो गई है
इसलिए शराब मेरी जीने की सहारा बन गई है !
पहली नजर में जिसको हमसे मोहब्बत हो गई
अब यह आलम है हमे उनसे नफरत हो गई !
नफ़रत मत करना हमसे हमें बुरा लगेगा
प्यार से कह देना तेरी जरुरत नही है !
नफरत हो दिल में तो मिलने
का मजा नहीं आता हैं
वो आज भी मिलता है
पर दिल कहीं और छोड़ आता है !

Dosti Nafrat Shayari

Dosti Nafrat Shayari
दोस्ती की कसम खाकर जो बदल गया
उसकी नफ़रत ने मेरे यक़ीन को तोड़ दिया !
जिसे दोस्त समझा, वही दुश्मन निकला
नफ़रत की आग में दोस्ती का रिश्ता जला डाला !
दोस्ती का नाम लेकर जो दिल में ज़हर भर गया
सबसे ज़्यादा दर्द उसी से मिला, जो अपना बन गया !
जो हर राज़ का साथी था कभी
आज उसी की नफ़रत सबसे ज़्यादा हुई !
दुश्मनों से क्या गिला करें अब हम
दोस्ती ही नफ़रत में दे गई ग़म !

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